Monday, 22 September 2014

तुम !!

तुम एक नदी की तरह हो जो न कभी रुकने का नाम लेती है,न कभी थमने का,बस मीलों दूर बहना चाहती है.रास्ते में चाहे कितना विशाल पर्वत ही क्यों न आ जाये तुम बाज़ नहीं आती,उसे भी चीर कर अपने रास्ता बना लेती हो.राह में न जाने कितनों को अपने प्यार से भिगोई अमृत पिलाती हो,उनकी प्यास बुझती हो.कभी किसी की मदद करने से नहीं कतराती,यहाँ तक की भूले पथिक को भी खुद मद्धम होकर रास्ता पार कराती.लोग तुम्हें चाहे कितनी भी पीड़ा दे दे,तुम्हें चाहे कितना भी विषाक्त क्यों न कर दे,तुम अपना रंग नहीं बदलती,हँसकर  इठलाती हुई बस उस दर्द को खुद में समेट लेती हो.
पर तुम्हारा दर्द कौन समझेगा..शायद सागर जो तुम्हें खुद में विलीन करने के इंतज़ार में कब से शांत बैठा हुआ है.तुम्हारा हर दर्द.तुम्हारा हर घाव भरने के लिए आतुर है,सारे रंग रंगीले फूलों को तुमसे मिलवाने के लिए सपने सजा रखे है.उसे इंतज़ार है तो बस तुम्हारा..
तुम बस बहती रहना,बिना किसी चिंता के,क्युकी कोई है जो तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है,तुमसे मिलने के लिए,तुम्हें खुद के रंग में रंगने के लिए,तुम्हें प्यार करने के लिए,तुम्हें खुद से जोड़ने के लिए.बस तुम थकना नहीं,खुद पर विश्वास रखना और बहती चली जाना..बस बहती चली जाना...

Wednesday, 17 September 2014

Quotes within my Life :)


  • no Gains without Pains
  • No hurting to anyone! Everyone is child of God and it's like hurting God !!
  • true love lasts long !there's no arrogance,no self respect and no ego.it's about how much value they give to each other,it's just two people loving each other endlessly.
  • there's always a reason behind every thing Which happens in our life! Don't find the reason But start accepting that thing.
  • Work is worshp.

Tuesday, 16 September 2014

ज़िन्दगी रॉक्स ...!!!

ज़िन्दगी  का  खेल  होता  है   ऐसे
बिन  मौसम  बरसात  हो  जैसे
पल  भर   में  ये  बदलती  है  ऐसे
धुप  और  छाए   दिन  में  हो  जैसे

कभी  गम  के  आंसू  टपकती  है
तो  कभी  खुशियों   की  बारिश  कर  देती है
कभी  निराशा  की  शाम  करती  है
तो  कभी  उम्मीदों  की  किरण  बिखेरती  है
कभी  यारो  से  लडवा  देती  है
तो  कभी  नयी  दोस्ती  करवा  देती  है
कभी  हम  किसी  का  सहारा  बनते  है
तो  कभी  हमारे  अपने  ही  छोर  जाते  है
कभी  चीटियों  के  जैसे  बिजी  होते  है
तो  कभी  मरीज  के  जैसे  पड़े  होते  है
कभी  कोई  हमारा  दिल  तोड़  देता  है
तो  कभी  कोई  उसमे समां जाता  है
कभी  ज़िन्दगी  रेगिस्तान  की  बंजर  लगती  है
तो  कभी  फूलो  जैसे  रंगीन  हसी  लगती  है
कभी  भगवन  से  रिश्ता  तोडवा  देती  है
तो  कभी  उनसे  जुड़ने  को  मजबूर  कर  देती  है
कभी  पापा  की  शान  का  कारण  बनती  है
तो  कभी  माँ  के  उदासी  का  राज  बना  देती  है

पर  कोई  तो  ज़िन्दगी  के  इस  खेल  में  आएगा
मेरा  हाथ  थमेगा  और  कभी  नहीं   छोरेगा
मेरी  हर  बात  सुनेगा  मुझे  समझेगा
वक़्त  आने  पर  अपनी  जान  की  बजी  तक  लगा  देगा

वो  मेरी  अच्छाई  की  तारीफ़  भी  करेगा
और  बुरइयो  पर   मेरी  वाट  तक  लगाएगा
कामयाबियो  पर   मेरी  पार्टी  भी  लेगा
और  हार  पर   जो  जीतने  को  कहेगा

पर  ज़िन्दगी  के  इस  खेल  को  कोई  समाज  नहीं   है पाया
और  किस्मत  ने  मेहनत को  हरा  कब  है  पाया
फिर  भी ये  ज़िन्दगी  तो  ज़िन्दगी  है
और  इसे  जीना  तो  हमें  ही  है ...



IIT खड़गपुर !!

सपनों  को  सच  करने  की  चाहत  थी  मेरी
आस्मां  को  छूने  की  भी  आरजू  थी  मेरी
घरवालों  और  दोस्तों  को  छोड़ा  था  मैंने
टीवी  और  कंप्यूटर  से  भी  रिश्ता  तोडा  था  मैंने

खड़गपुर   आकर  अच्छा  लगने  लगाने था
मस्तियों  के  सागर  में  गोता  लगा  रहा  था
यहाँ  की  हरियाली  आँखों  को  भा  रही  थी
विशाल   भवन  भी  मन को  रिजाह  रहे  थे

पटेल   हॉल  था  मेरा  अगला  निवास
जिससे  दूर  रहने  का  करते  सारे  प्रयास
सबसे  अन्दर  सबसे  पुराना  था  वोह
अनुशाशन  और  सभ्यता  ही  चलता  यहाँ  पे

हमारे  बड़े  हमारा  ध्यान  थे  रखते
समय  आने  पर  सही  राह  भी  दिखाते
कोई  डरता  धमकता   तो  कोई  हँसता
तोह  कोई  मुश्किलों  में  भी  साथ  निभा   जाता

समाजों  का  मेल  लगा  रहता  यहाँ  पर
बह  जाओ  कहीं  भी  ले  जाये  जहाँ  मन
कुछ  तो   सीखोगे  ही  वादा  है  मेरा
अच्छा  समय  भी  बीत  जाएगा  तेरा

पता  नहीं  आगे  क्या  होगा  हमारा
हम  हसेंगे  या  हमपे  ये  संसार  सारा
पर  शायद  हम  दूसरों  से  अलग  हो  गए  हैं
मेहनत  के  बल  पर   खड़गपुर  जो    गए  हैं


ये शाम मस्तानी !!

आज मानो सूरज ने
चाँद को बुला लिया हो
क्षितिज पर लालिमा बिखेर
उसे अलविदा कह रहा हो
दोनों का ऐसे मिलना
कुछ अजीब जरूर लगता है
पर पंछियों की चेह्चाहाहत ने
शायद इसे रूमानी बना दिया हो
ये बादल भी आकृतियाँ बना
जैसे इन्हें तोहफे दे रहे हो
तारे भी जगमगा कर मानो
इनको जाने को कह रहे हो
दूर जगमगाती खिड़कियाँ भी
जैसे आसू बहा रही हो
ये काले पेड़ भी उनपर
रुकने का जादू कर रहे हो

MAA...!!!

दर्द तो बहुत हुआ होगा तुझको
इस दुनिया में लाना था मुझको
आँखे खुली तो कुछ डर सा गया
पर सबसे पहले पुकारा था तुझको
मेरी हर ख्वाहिश का ख्याल रखती तू
टिफ़िन में आलू के पराठे भी देती तू
नए पुराने दोस्तों से मिलवाती तू
कभी कभी तो मेरे लिए लड़ भी जाती तू
मेरी गलतियों को नज़रंदाज़ करते रहना
और यू ही सदा मुझसे प्यार करते रहना
माना बच्चा हूँ रुला सकता हूँ तुझको
पर हसने के लिए भी तैयार रहना
तेरे खाने के स्वाद को कभी नहीं भूलूंगा
तेरे साथ मस्तियो पर भी हँसा करूँगा
लगता है पिछले जन्म में कुछ अच्छा किया होगा
किस्मत से मिली है तू तेरा ख्याल रखूँगा ..

उड़ान ...!!

क्या हुआ जो दुसरो ने सहारा न दिया
पल भर ने ही हमको बेगाना कर दिया
खुद को खुश रखने की तम्मना है मेरी
आंधियो से भी लड़ने की आदत है मेरी


माना पर्वत की चोटी तक न जा पाएंगे
पर कुछ करने का सहस तो हम दिखायेंगे
जिन जिन लोगो ने दिल दुखाये है मेरे
उनके मुह पे चुप्पी तो जरुर लगा जायेंगे

क्या हुआ जो हम पराजित हो गए
बार बार हम कोशिश दोहराएंगे
मन अपना दिल तो टूट चूका होगा
पर टूटा दिल लेकर ही मैदान में कूद जायेंगे

ये दिल थोरा इन्तेजार कर ले
मेहनत पे भी तू कूछ ऐतबार कर ले
अपना भी वक़्त कभी तो आएगा
फूटा नसीब भी चमक जायेगा

अब डरने की इज्जाजत नहीं है तुझको
आंसू पीने की भी जरूरत नहीं है तुझको
किस राह में आज कांटे नहीं है होते
उनसे बच कर मंजिल को पाना है तुझको

सुना है ,नदी के पास कौन नहीं है जाता
ऊचे अम्बर को छुना कौन नहीं है चाहता
पर जो आत्मविश्वाश हो तुम्हारे साथ
तुम बढोगे ,कामयाबी लगेगी तुम्हारे हाथ...